विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे कर्मचारियों के अवकाश पर रोक

बिलासपुर, 17 नवम्बर 2025।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम तेज़ी से चल रहा है। 28 अक्टूबर से शुरू हुए इस महत्त्वपूर्ण अभियान में 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसी बीच आयोग ने एक बड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पुनरीक्षण कार्य में लगे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को इस अवधि में अवकाश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आयोग ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति लिए गए अवकाश को स्वीकृत नहीं माना जाएगा और इसे गंभीर लापरवाही की श्रेणी में गिना जा सकता है।
मतदाता सूची में त्रुटिहीनता पर जोर
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान घर-घर सत्यापन, नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने, और जानकारियों के सुधार का महत्वपूर्ण काम चल रहा है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही या मानव संसाधन की कमी से प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसलिए कर्मचारियों को पूर्णकालिक उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया है।
सीईओ रायपुर से सीधे अनुमति की व्यवस्था
एसआईआर (Special Intensive Revision) से जुड़े अधिकारियों–कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृति का अधिकार भी फिलहाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, रायपुर के पास रहेगा। इसका मतलब है कि स्थानीय स्तर पर कोई अवकाश मंज़ूर नहीं किया जा सकेगा, जिससे पुनरीक्षण कार्य में निरंतरता बनी रहे।
निर्वाचन आयोग का मकसद—‘एक भी पात्र मतदाता छूटे नहीं’
अधिकारियों के अनुसार, यह कवायद मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए की जा रही है ताकि आने वाले चुनावों में किसी भी पात्र मतदाता को अपने मताधिकार के प्रयोग से वंचित न होना पड़े।


