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बिलासपुर।
ऑनलाइन ठगी और तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” के बढ़ते मामलों के बीच बिलासपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है। हैदराबाद से आई साइबर पुलिस की चार सदस्यीय टीम ने राजकिशोर नगर निवासी 40 वर्षीय सिप्रियन जेकब को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर ऑनलाइन ठगी से जुड़े कई मामलों में संलिप्तता का आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी सिप्रियन जेकब ने “जे एम जे” नामक फर्म के नाम से एक बैंक खाता खुलवाया था, जिसमें कथित रूप से ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। जांच एजेंसियों के अनुसार इस खाते में लाखों रुपये का लेन-देन हुआ है। इसी आधार पर साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को शाम के समय बिलासपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड पर उसे हैदराबाद ले जाया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ हैदराबाद, बैंगलोर और रायपुर में भी अलग-अलग शिकायतें दर्ज हैं। सभी मामलों को मिलाकर लाखों रुपये की ठगी का संदेह जताया जा रहा है।
इतना ही नहीं, सूत्रों के मुताबिक आरोपी के पिता स्टीफन जेकब पर भी चेक बाउंस और धोखाधड़ी से जुड़ा मामला न्यायालय में लंबित है, जिसकी सुनवाई संभावित रूप से जल्द होने वाली है।
डिजिटल अरेस्ट बना नया हथियार
साइबर अपराधी अब लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर ठगी कर रहे हैं। खुद को पुलिस, सीबीआई या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल या फोन पर डराया जाता है और खाते में पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं। कई लोग डर के कारण बिना सत्यापन किए अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती और न ही इस तरह पैसे मांगती है। ऐसे कॉल आने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
जनता के लिए चेतावनी
यह मामला आम जनता के लिए चेतावनी है कि ऑनलाइन लेन-देन करते समय सतर्क रहें, अनजान कॉल, लिंक और अकाउंट पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें। समय रहते जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और साइबर पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य नेटवर्क और लेन-देन की पड़ताल कर रही है।


