
बिलासपुर।
प्रधानमंत्री आवास योजना “सबके लिए आवास” मिशन के अंतर्गत किफायती आवास (AHP) योजना “मोर मकान मोर आस” के तहत अशोक नगर स्लम क्षेत्र में निर्मित ड्रीम इन्कलेव (G+3) आवास परियोजना में हितग्राहियों को अभी तक कब्जा नहीं मिल पाया है। आवास तक पहुंचने के रास्ते को लेकर विवाद खड़ा हो जाने से पूरी प्रक्रिया बीच में ही रुक गई, जिसके बाद हितग्राहियों ने कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा दिनांक 12 दिसंबर 2025 को लॉटरी के माध्यम से हितग्राहियों को 30 वर्षीय पट्टे पर आवास आबंटित किए गए थे। इसके बाद निगम द्वारा 24 फरवरी 2026 को सभी हितग्राहियों को ड्रीम इन्कलेव अशोक नगर में निर्मित आवास का कब्जा लेने के लिए बुलाया गया था।
बताया जा रहा है कि जब निगम के अधिकारी-कर्मचारी हितग्राहियों को आवास का कब्जा दिलाने की प्रक्रिया कर रहे थे, तभी कॉलोनी में पहले से निवासरत कुछ लोगों ने आवास तक जाने वाले रास्ते को लेकर आपत्ति जताते हुए विवाद शुरू कर दिया। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचने के लिए जिस मार्ग का उपयोग किया जा रहा है, वह कॉलोनी के भीतर से गुजरता है।
मौके पर मौजूद निगम अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया कि स्वीकृत लेआउट के अनुसार ड्रीम इन्कलेव कॉलोनी से होकर ही प्रधानमंत्री आवास तक जाने का मार्ग निर्धारित किया गया है, लेकिन इसके बावजूद विवाद थमता नहीं दिखा।
इसी दौरान कॉलोनी के कुछ लोगों ने बेलतरा विधायक को मोबाइल पर सूचना दी, जिसके बाद विधायक और मौके पर मौजूद निगम अधिकारी के बीच फोन पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद निगम के अधिकारियों ने हितग्राहियों को बाद में आने की बात कहकर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया रोक दी और वापस लौट गए।
हितग्राहियों का आरोप है कि घटना के कई दिन बाद भी उन्हें आवास में कब्जा नहीं दिया गया है और न ही आवागमन के लिए रास्ता सुनिश्चित किया गया है। इससे सैकड़ों परिवारों के अपने घर का सपना अधूरा रह गया है।
पीड़ित हितग्राहियों ने अब कलेक्टर बिलासपुर को आवेदन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने, विवाद का समाधान कराने और प्रधानमंत्री आवास तक आवागमन के लिए रास्ता खुलवाने की मांग की है।


