
बिलासपुर। बिलासपुर में आगामी 2 नवम्बर 2025 को कॉटयार्ड मैरियट होटल में आयोजित होने जा रहा बिलासा क्रिटिकॉन–2025 विशेषज्ञों और मेडिकल समुदाय की उत्सुकता का केंद्र बना हुआ है। यह सम्मेलन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देशभर में गहन चिकित्सा (Critical Care Medicine) के क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों और नवीन तकनीकों के आदान–प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। आयोजन का उद्देश्य ICU में होने वाले दैनिक प्रबंधन, आम चुनौतियों, नैदानिक निर्णयों तथा मरीज–केंद्रित उपचार रणनीतियों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करना है।
इस सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ वर्मा हैं, जो क्षेत्र में गहन चिकित्सा के उभरते स्वरूप को संगठित, वैज्ञानिक और व्यवहारिक दृष्टिकोण से स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। आयोजन सचिव डॉ. रमन केशरवानी ने वैज्ञानिक सत्रों के क्रम, विषय–चयन और वक्ताओं के समन्वय में मुख्य भूमिका निभाई है। वहीं मुख्य वैज्ञानिक समिति के अध्यक्ष डॉ. मनोज राय ने विषय–चयन में यह सुनिश्चित किया है कि चर्चाएँ केवल जटिल सैद्धांतिक पहलुओं तक सीमित न होकर, बेडसाइड पर तत्काल प्रयोज्य हों। सम्मेलन की स्टीयरिंग कमेटी का नेतृत्व अपोलो अस्पताल बिलासपुर के डॉ. अविजित रायजादा करेंगे, जिनकी क्लिनिकल रणनीतियों और संगठनात्मक क्षमता से इस आयोजन की शक्ति और बढ़ गई है।
दीप प्रज्वलन के साथ होगी गरिमामयी शुरुआत
सम्मेलन का उद्घाटन पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर
• डॉ. रमेश मूर्ति (डीन, CIMS)
• डॉ. शुभा गरेवाल (चीफ मेडिकल ऑफिसर, बिलासपुर)
• डॉ. बी.पी. सिंह (चीफ सुपरिंटेंडेंट, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कोनी)
• डॉ. लखन सिंह (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, CIMS, बिलासपुर)
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। ये सभी प्रशासनिक तथा शिक्षण सेवाओं से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ हैं, जिनके संक्षिप्त संबोधन से ICU सेवाओं की दिशा और दायरे पर नई रोशनी पड़ने की संभावना है।
देशभर से आएंगे राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ
कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित ICU विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे, जिनमें प्रमुख नाम हैं—
• डॉ. राजेश मिश्रा, स्टर्लिंग हॉस्पिटल, अहमदाबाद
• डॉ. शर्मिली सिन्हा, ICU इंचार्ज, अपोलो हॉस्पिटल, भुवनेश्वर
• डॉ. सिमांत झा, PSRI हॉस्पिटल, नई दिल्ली
• डॉ. रणजीत चटर्जी, ICU इंचार्ज, स्वामी दयानंद हॉस्पिटल, दिल्ली
• डॉ. घनश्याम जगथकर, डायरेक्टर, मेडिकॉवर हॉस्पिटल, हैदराबाद
• डॉ. सुजाता मेहता, ICU कंसल्टेंट, बॉम्बे अस्पताल, मुंबई
• डॉ. नेहा गुप्ता, संक्रामक रोग विशेषज्ञ, नई दिल्ली
उक्त विशेषज्ञ सेप्सिस व शॉक मैनेजमेंट, गंभीर संक्रमणों में एंटीमाइक्रोबियल चयन, वेंटिलेटर असिस्टेड मरीजों के डायनेमिक पैरामीटर्स, ICU में होते मेडिकेशन इंटरेक्शन तथा बहु–अंग विफलता (MODS) जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा करेंगे।
स्थानीय विशेषज्ञों की विशेष भूमिका
बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित चिकित्सक भी सम्मेलन में मार्गदर्शन देंगे, जिनमें शामिल हैं—
• डॉ. देवेंद्र सिंह
• डॉ. जिग्नेश पंड्या
• कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रूपेश श्रीवास्तव
• न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रश्मि देवांगन
इनकी उपस्थिति से स्थानीय चिकित्सकों को इलाज की आधुनिक सोच और नए अपडेट प्राप्त होंगे।
अन्य सम्मेलनों से अलग—यहाँ होगी वास्तविक समस्या आधारित चर्चा
अक्सर देखा जाता है कि कई राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन अत्यधिक दुर्लभ विषयों पर केंद्रित रहते हैं, जिससे प्रत्यक्ष क्लिनिकल अभ्यास में उनका उपयोग सीमित रह जाता है। लेकिन बिलासा क्रिटिकॉन–2025 का उद्देश्य बेडसाइड उपयोगिता को प्राथमिकता देना है। इसीलिए—
✅ रोज़ ICU में आने वाले केस–पैटर्न,
✅ संसाधन–सीमित परिस्थितियों में निर्णय,
✅ संक्रमण नियंत्रण की वास्तविक चुनौतियाँ,
✅ एंड–ऑफ–लाइफ निर्णय व परिवार परामर्श,
✅ अल्ट्रासाउंड आधारित त्वरित निदान,
✅ NIV–HFNC vs Invasive Ventilation विवाद,
पर चर्चा होगी। यह दृष्टिकोण युवा रेज़िडेंट्स से लेकर वरिष्ठ चिकित्सकों तक सभी को लाभान्वित करेगा।
अंचल के लगभग 300 से अधिक नामी गिरामी चिकित्सकों की भागीदारी रहेगी डॉ प्रवीण कालवीट, डॉ एस के तिवारी, डॉ एस के वर्मा, डॉ बी आर होटचंदानी, डॉ विजय कुपटकर, डॉ निताशा सोनी, डॉ अरिहंत जैन, डॉ विजय श्रीवास, डॉ राम कृष्ण कश्यप, डॉ योगेन्द्र पहाड़े, डॉ प्रदीप वर्मा, डॉ सी एस उइके, डॉ विनोद तिवारी, डॉ मधुमिता मूर्ति, डॉ भावना रायजादा, डॉ राकेश निगम, डॉ राकेश सहगल, डॉ हरेंद्र शुक्ला आदि सम्मिलित होंगे।
सम्मेलन में शामिल होने वाले लगभग 300 चिकित्सक विभिन्न विभागों से होंगे, जिनमें—
• मेडिसिन
• प्रसूति एवं स्त्री–रोग
• ऑर्थोपेडिक्स
• जनरल सर्जरी
• कार्डियोलॉजी
• नेफ्रोलॉजी
• माइक्रोबायोलॉजी
• एनेस्थीसिया
• इमरजेंसी मेडिसिन
मुख्यतः शामिल होंगे। बहुविषयक भागीदारी से ICU प्रबंधन का दृष्टिकोण व्यापक बनता है।
वैज्ञानिक पोस्टर प्रस्तुति और इंटरैक्टिव सेशन
आयोजन के दौरान युवा डॉक्टरों और प्रशिक्षुओं के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है ,ये सत्र ज्ञान के साथ–साथ व्यावहारिक दक्षता बढ़ाने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होंगे।
मरीज केंद्रित दृष्टिकोण—सम्मेलन की आत्मा
आयोजन समिति के डॉ सिद्धार्थ वर्मा के अनुसार ICU उपचार केवल मशीनों, ड्रिप्स और मॉनिटरिंग का संयोजन नहीं है, बल्कि—
• मानवीय दृष्टि
• परामर्श कौशल
• परिवार के साथ संप्रेषण
• नैतिक निर्णय
का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ
आयोजकों का मानना है कि इस सम्मेलन के बाद—
➤ शहर में ICU प्रोटोकॉल अधिक मानकीकृत होंगे
➤ इलाज में वैज्ञानिक तर्क पर आधारित एकरूपता बढ़ेगी
➤ एंटीबायोटिक दुरुपयोग में कमी आएगी
➤ रैपिड डायग्नोस्टिक टूल्स की स्वीकृति बढ़ेगी
➤ मरीजों के परिणाम बेहतर होंगे
मेडिकल युवा पीढ़ी में उत्साह
पोस्ट–ग्रेजुएट विद्यार्थी, रेज़िडेंट्स और ICU नर्सिंग स्टाफ इस सम्मेलन को लेकर विशेष रूप से उत्साहित हैं। सम्मेलन में उन्हें बहुमूल्य अनुभव प्राप्त होने की उम्मीद है।
समापन
बिलासा क्रिटिकॉन–2025 बिलासपुर के लिए केवल एक अकादमिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गहन चिकित्सा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। यह आयोजन शहर को राष्ट्रीय चिकित्सा मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करेगा।


