
बिलासपुर, 22 अगस्त 2025।
इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन (ISCCM) और इंडियन रिहैबिलिटेशन काउंसिल फेडरेशन (IRCF) की संयुक्त पहल स्कूल सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा सत्र शुक्रवार को भारत माता ई.एम.एच.एस. स्कूल, बिलासपुर में उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण में 166 छात्रों और 14 शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी ने इसे सफल बना दिया और यह संदेश भी दिया कि युवाओं को जीवन रक्षक तकनीक से लैस करना समय की आवश्यकता है।

पिछली सफलता पर आगे बढ़ता अभियान
बिलासपुर में यह दूसरा स्कूल सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम था। इससे पहले पहला सत्र अर्पा रिवर वैली इंटरनेशनल स्कूल में हुआ था, जिसे व्यापक सराहना मिली थी। आज का आयोजन भी उसी श्रृंखला की कड़ी रहा, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने आपात स्थिति में आत्मविश्वास से कार्य करने का संकल्प लिया।
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प्रशिक्षण की मुख्य झलकियाँ
प्रतिभागियों को हैंड्स-ओनली सीपीआर तकनीक सिखाई गई।
डेमो सेशन और प्रायोगिक अभ्यास के जरिए छात्रों और शिक्षकों ने सीपीआर करना सीखा।
प्रशिक्षकों ने यह संदेश दोहराया – “आपके हाथ बचा सकते हैं ज़िंदगी।”

आयोजन एवं सहयोग
यह कार्यक्रम ISCCM और IRCF द्वारा आयोजित किया गया। इसमें रोटरी ई-क्लब ऑफ बिलासपुर यूनाइटेड और ISCCM बिलासपुर चैप्टर का विशेष सहयोग रहा।
मुख्य सहयोगियों में शामिल रहे:
पीएजी रोटेरियन संजय दूआ
पीपी रोटेरियन प्रकाश महेश्वरी
रोटेरियन बलचंद जायसवाल, सचिव – रोटरी ई-क्लब ऑफ बिलासपुर यूनाइटेड
रोटेरियन डॉ. सिद्धार्थ वर्मा, अध्यक्ष – रोटरी ई-क्लब ऑफ बिलासपुर यूनाइटेड एवं अध्यक्ष – ISCCM बिलासपुर
डॉ. रमन केशरवानी, सचिव – ISCCM बिलासपुर
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आगे की दिशा
कार्यक्रम की सफलता से उत्साहित आयोजकों ने घोषणा की कि यह अभियान बिलासपुर समेत अन्य स्कूलों में भी लगातार जारी रहेगा। उद्देश्य है ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना जो आपात स्थिति में तुरंत और आत्मविश्वास के साथ जीवन बचाने की जिम्मेदारी निभा सके।
राष्ट्रीय स्तर पर यह अभियान वर्षभर देशभर के विभिन्न स्कूलों में आयोजित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य है भारत को “राष्ट्र के लाइफसेवर्स” में बदलना।



