आखिर क्यों कुछ लोग वर्तमान बिलासपुर sdm और तहसीलदार को बदनाम करने में लगे हैं?
विदित हो कि मुख्यमंत्री द्वारा विगत कुछ दिनों पूर्व जिले के कलेक्टरों की मीटिंग लेकर ढाई वर्षो से एक ही जगह जमे अधिकरियों एवम कर्मचारियों का स्थानन्तरण करने आदेश दिए गए थे उनके आदेश के परिपालन में दो दिन पूर्व बिलासपुर के नए sdm पुलक भट्टाचार्य द्वारा विगत ढाई वर्षो से शहरी क्षेत्रो में जमे पटवारियों को गाँव क्षेत्रो में स्थानन्तरित कर दिया गया जिसके कारण शहर में ढाई वर्षो से पदस्थ शहर के एक पटवारी को ना-गवार गुजरा उसने एक वेब पोर्टल के पत्रकार से दिग्भर्मित करने वाली खबरे चलाना शुरू कर दी।
उक्त खबर के अनुसार पटवारी प्रकाश साहू को हल्का नम्बर 48 परसदा से ग्रामीण क्षेत्र ढेंका किया गया तथा मनोज खूंटे को ढेंका से परसदा किया जिसमें माननीय रसूखदार पटवारी को ये नागवार गुजरा क्योकि उसका खुद का ट्रांसफर शहरी क्षेत्र से ग्रामीण कर दिया गया। जबकि sdm पुलक भट्टाचार्य द्वारा ट्रांसफर में किसी प्रकार की कोई विसंगति नही की है ढेंका ग्रामीण क्षेत्र है तथा परसदा शहरी नगर निगम क्षेत्र इसके अलावा उक्त तथाकथित पत्रकार द्वारा पटवारी अनिल डोडवानी और आशीष टोप्पो के ऊपर खबर बनाइ गई है कि उक्त पटवारी कई वर्षों से शहरी क्षेत्र में पूर्व तहसीलदार की कृपा से जमे हुए हैं जबकि उक्त दोनों पटवारी अभी ढाई वर्ष की श्रेणी में नही है ये जानकारी महानुभाव पत्रकार और रसूखदार पटवारी को नही है ।
तथाकथित पत्रकार द्वारा महिला पटवारी 2 बहनों को शहरी क्षेत्र में अपने खास होना बताकर ट्रान्सफर किया गया जबकि उक्त महिला पटवारी शुरू से ही ग्रामीण क्षेत्र में सेवा प्रदान करते आ रहे हैं पहला बार उक्त महिला पटवारियों का ट्रांसफर शहरी क्षेत्र में किया गया है।
उक्त पत्रकार को ना तो तथ्यों की जानाकरी है न आकड़ो की केवल हवा – हवाई खबरों को प्रसारित कर sdm पुलक भट्टाचार्य एवं तहसीलदार रमेश कुमार मोर को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। जबकि sdm पुलक भट्टाचार्य द्वारा आकड़ो को ध्यान में रखकर ट्रांसफर किया गया है । अब आगे यह देखना होगा कि उक्त खबर को अधिकरी कितनी गंभीरता से लेते है।
आगे के खबर में हम खुलासा करेंगे कि एक रसूखदार पटवारी बिलासपुर तहसील में ट्रांसफर के बाद ट्रांसफर सूची शंशोधित करवाने में लगा है मलाईदार हल्का पाने की ललक खत्म क्यो नही होती आखिर उसकी?