सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य, उल्लंघन पर दुकानदार होंगे जिम्मेदार

बिलासपुर, 7 अक्टूबर 2025।
दीपावली पर्व के मद्देनज़र जिला अग्निशमन अधिकारी सह जिला सेनानी दीपांकुर नाथ ने पटाखा दुकानदारों के लिए विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने सभी स्थायी एवं अस्थायी पटाखा दुकानों, पंडालों एवं संरचनाओं में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालक व दुकानदार स्वयं जिम्मेदार होंगे।
दुकान निर्माण एवं स्थान को लेकर निर्देश
श्री नाथ ने कहा कि पटाखा दुकानें रिहायशी या भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में नहीं खोली जाएं।
दुकान का निर्माण किसी भी ज्वलनशील पदार्थ (जैसे कपड़ा, बांस, रस्सी या टेंट) से नहीं, बल्कि अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड से होना चाहिए, जिसे अग्निमंदक घोल से उपचारित किया गया हो।
दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी होनी चाहिए और वे एक-दूसरे के सामने न बनाई जाएं।
बिजली एवं आतिशबाजी पर नियंत्रण
प्रकाश व्यवस्था के लिए किसी भी प्रकार के तेल या गैस लैंप और खुली बिजली बत्ती के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा।
किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबंधित किया गया है।
विद्युत तारों में कोई खुला जॉइंट नहीं होना चाहिए, तथा सभी मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगाया जाना अनिवार्य है।
इसके साथ ही दुकानें ट्रांसफॉर्मर से दूर हों और उनके ऊपर से हाई टेंशन पावर लाइन न गुजरती हो।
सुरक्षा उपकरण एवं व्यवस्था
प्रत्येक पटाखा दुकान में कम से कम 5 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र होना आवश्यक है।
इसके साथ ही दुकान के अंदर 100 लीटर पानी, तथा बाहर 100 लीटर पानी की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
दुकानों के सामने वाहन पार्किंग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी, ताकि अग्निशमन वाहन के मूवमेंट में बाधा न आए।
दुकान परिसर में अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस के फोन नंबर प्रदर्शित किए जाएं।
मानक नियमों का पालन आवश्यक
श्री नाथ ने बताया कि सभी दुकानदारों को भारतीय मानक 8758:2013 के अनुरूप अस्थायी संरचना एवं पंडाल का निर्माण करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि दीपावली का पर्व सुरक्षित और हर्षोल्लासपूर्ण तरीके से मनाया जा सके।



