
सन के आदेशानुसार विकासखंड बिल्हा(शहरी) में कक्षा छठवीं के नवीन पाठ्य पुस्तक मल्हार(हिंदी) और प्रकाश (गणित) के अध्यापन हेतु बिल्हा शहरी के लगभग 100 शिक्षकों का प्रशिक्षण शहर के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल तिलक नगर में संपन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण में न केवल शासकीय बल्कि अनुदान प्राप्त विद्यालय के शिक्षक भी शामिल हुए और अपने प्रतिवेदन में उन्होंने शासन का धन्यवाद ज्ञापन किया उन्होंने कहा कि पूर्व में कभी भी हमको किसी भी प्रशिक्षण में शामिल नहीं किया जाता था किंतु इस बार हमें इस नवीन पाठ्य पुस्तक के अध्यापन हेतु आयोजित प्रशिक्षण में शामिल किया गया है निश्चित तौर पर यह शासन का स्वागत योग्य निर्णय है इसका लाभ हमारे बच्चों को शत प्रतिशत मिलेगा जिसके लिए हम हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।

ज्ञात हो कि नई शिक्षा नीति 2020 के परिपालन में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस वर्ष प्राथमिक स्तर पर कक्षा एक, दो और तीन तथा माध्यमिक स्तर पर कक्षा छठवीं के पाठ्य पुस्तक को एनसीईआरटी के अनुरूप ढाला गया है अब छत्तीसगढ़ के भी बच्चे भी केंद्रीय पाठ्यक्रम पढ़ेंगे बिल्हा शहरी क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में अध्यापन कार्य करने वाले गणित और हिंदी के शिक्षकों का प्रशिक्षण का आयोजन पिछले पांच दिनों से किया जा रहा था।
इस अवसर पर डाइट पेंड्रा से मुखर्जी सर का आगमन के साथ ही मार्गदर्शन प्राप्त हुआ इस प्रशिक्षण का दायित्व हिंदी विषय में लीना शर्मा,प्रवीण तरुण तथा गणित हेतु अवधेश विमल एवं आकाश शर्मा ने मास्टर ट्रेनर के रूप में निभाया साथ ही प्रशिक्षण प्रभारी सत्येंद्र श्रीवास की सक्रियता ने कार्यक्रम को बेहद सफल बनाया यह प्रशिक्षण बिल्हा शहरी स्त्रोत समन्वयक वासुदेव पाण्डेय के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
आज प्रशिक्षण के समापन पर वासुदेव पाण्डेय ने कहा कि यह पाठ्यक्रम निश्चित रूप से बेहद उपयोगी है और इसके दुर्गामी परिणाम है धीरे-धीरे यह सभी कक्षाओं में लागू होगा जिससे निश्चित तौर पर यूपीएससी और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं में हमारे छत्तीसगढ़ के भी बहुत से बच्चों का चयन होगा अतः सभी शिक्षक बहुत ही जिम्मेदारी के साथ इस प्रशिक्षण को प्राप्त करें और अपने विद्यालय में जाकर इसे समुचित रूप में लागू करें साथ ही शिक्षकों के व्यक्तित्व और क्षमता विकास पर प्रभावी व्याख्यान भी दिया।
कार्यक्रम के अंतिम दिवस सभी शिक्षकों ने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जो की बेहद सकारात्मक और ऊर्जा प्रदान करने वाला था प्रशिक्षणार्थियों द्वारा कार्यक्रम की प्रशंसा की गई इसके साथ ही अनुदान प्राप्त विद्यालय के शिक्षक प्रशिक्षण में शामिल करने को लेकर बेहद उत्साहित नजर आए।



