
राजस्व पटवारी संघ चुनाव दिनांक 29 जून 2025 को संभागीय मुख्यालय में सम्पन्न होगा जिसके लिए बिलासपुर जिले में बेलतरा तहसील के पटवारी अनिल डोडवानी ने आज रायपुर में नामांकन दाखिल किया।
प्रांतीय अध्यक्ष पद हेतु संकल्प-पत्र में प्रस्तावक अनिल डोडवानी, तहसील बेलतरा, जिला बिलासपुर ने कहा की मैं स्वयं को छत्तीसगढ़ प्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष पद हेतु प्रस्तावित करते हुए यह संकल्प-पत्र प्रस्तुत करता हूँ, जिसमें संघ के प्रमुख मुद्दों और लक्ष्यों के समाधान हेतु मैं पूर्ण रूप से संकल्पित रहूँगा।
जैसा कि अमूमन हर चुनाव में उम्मीदवार द्वारा घोषणापत्र जारी किया जाता है, तो इस चुनाव में भी उसी के तर्ज पर एक घोषणापत्र उम्मीदवार द्वारा जारी किया गया है।
देखा जाए तो इस घोषणापत्र में जिन बातों को रखा गया है वो कही न कही बहुत हद तक जायज भी प्रतीत होता है। आइये जानते है कि प्रांतीय अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अनिल डोडवानी ने संघ हेतु किन मुख्य बिन्दुओ का समावेश अपने संकल्प पत्र में किया है।

✅ मुख्य संकल्प बिंदु:
1. स्थायी पदोन्नति व्यवस्था:
वरिष्ठता के आधार पर आरआई पद हेतु स्थायी पदोन्नति प्रक्रिया लागू कर वर्तमान परीक्षा आधारित प्रणाली को समाप्त करवाना।
2. संसाधन भत्ता व निवास बाध्यता समाप्ति:
पटवारियों को संसाधन भत्ता प्रदान किया जाए एवं नियमावली में हल्का में निवास की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
3. वरिष्ठ पटवारियों हेतु संवेदनशील नीति:
वरिष्ठ पटवारियों(महिला/पुरुष) जिनकी उम्र 55 वर्ष हो चुकी हो या ऐसे पटवारी जिन्हें शारीरिक रूप से गंभीर बीमारी हो उन्हें नगरीय क्षेत्र के समीप हल्कों में प्राथमिकता के आधार पर पदस्थापना दी जाए।
4. प्रशिक्षण अवधि में सुधार:
नए पटवारियों का प्रशिक्षण काल 1 वर्ष से घटाकर 3 माह किया जाए एवं प्रशिक्षण के दौरान पूर्ण वेतन प्रदान किया जाए। साथ ही, पटवारियों की सीधी भर्ती हो – प्रशिक्षण की पूर्व-आवश्यकता समाप्त हो।
5. वेतन पे ग्रेड 2800 की मांग:
पटवारियों का पे ग्रेड 2800 किया जाए। इसके लिए राजस्व विभाग के अन्य संगठनों से समन्वय बनाकर संयुक्त आंदोलन या हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।
6. यात्रा भत्ता में वृद्धि:
पटवारियों के यात्रा भत्ते में यथोचित वृद्धि हेतु प्रयास किया जाएगा।
7. पुलिस को नक्शा बनाना समाप्त कराना:
पुलिस विभाग को नक्शा निर्माण कार्य पटवारी से लेना बंद किया जाए। यदि आवश्यक हो तो न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।
8. एग्रिस्टेक एवं अन्य तकनीकी कार्यों हेतु भत्ता:
मध्यप्रदेश की तर्ज पर तकनीकी कार्यों के लिए अतिरिक्त भत्ता दिलवाया जाएगा।
9. परिवीक्षा अवधि में संशोधन:
वर्तमान 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि को घटाकर 2 वर्ष किया जाए।
10. विशेष सेल का गठन:
पटवारियों की लीगल सेल तथा आईटी एक्सपर्ट सेल का गठन किया जाएगा, जिससे विधिक एवं तकनीकी मामलों में अन्य सदस्यों को सहायता मिल सके।
11. संघ में हड़ताल संबंधी प्रावधान:
संघ के संविधान में संशोधन कर हड़ताल व वापसी के नियम तय किए जाएँ:
हड़ताल प्रारंभ हेतु: प्रांतीय कार्यकारिणी के 1/2 तथा जिला अध्यक्षों के 2/3 सदस्यों की सहमति आवश्यक।
हड़ताल समाप्ति हेतु: दोनों ही स्तरों पर 1/2 बहुमत आवश्यक।
12. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पटवारियों को पुलिस विभाग की तरह विशेष भत्ता।
⚠️ विशेष परिस्थिति में अंतिम विकल्प:
यदि शासन द्वारा हमारी मांगों को अनदेखा किया गया तथा कार्यों में कटौती जारी रही, तो संघ निम्न अंतिम मांग पर अडिग रहेगा:
“पटवारी पद को समाप्त कर इच्छानुसार अन्य विभागों में समायोजित किया जाए”, जिसमें कर्मचारियों को शासन द्वारा तय सूची में से विभाग चुनने की स्वतंत्रता प्राप्त हो।
प्रांतीय अध्यक्ष पद के दावेदार अनिल डोडवानी ने अपने संकल्प पत्र के माध्यम से अंतिम शब्द के रूप कहा कि मैं इस संकल्प पत्र के माध्यम से संघ को एक सशक्त नेतृत्व देने, पारदर्शिता, संघर्ष और समाधान की नीति पर कार्य करने हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हूँ।


