
कोचिंग के नाम पे कलंक हो सर : छात्र
क्या किसी राजपत्रित अधिकारी का है संरक्षण ?

छत्तीसगढ़ में बिलासपुर को प्रतियोगी परीक्षाओं का गढ़ माना जाता है यहाँ दिल्ली के मुखर्जी नगर के तर्ज पर गाँधी चौक एरिया इन प्रतियोगी परीक्षाओं के कोचिंग संस्थानों के लिए जाना जाता है।
यहाँ विभिन्न प्रकार के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए सैकड़ों की संख्या में कोचिंग संस्थान है।
इस खुशनुमा वातावरण में परीक्षार्थी अपने भविष्य संवारने उचित शिक्षा की चाह लिए यहाँ आते है, और इसका लाभ भी उन्हें मिलता है देखा जाए तो कुछ कोचिंग संस्थानों को छोड़ बाकी संस्थानों के द्वारा काफी लाभ भी परीक्षार्थियों को मिला है।
परंतु कुछ कोचिंग संस्थान को व्यवसाय के उद्देश्य से खोला गया है आज हम उन्ही में से एक संस्थान का सच्चाई उजागर करने वाले है जो लाभ की खातिर परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे है।
हम बात कर रहे है पुराने हाई कोर्ट रोड पाल कॉम्प्लेक्स स्थित “सहस्त्र अकादमी” की जो शिक्षा के व्यापारीकरण का एकदम जीवंत उदाहरण है। ऐसा लगता है इस संस्थान को खोलने का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ लाभ अर्जित करना है इन्हें बच्चों के भविष्य से कोई मतलब नही है।

विस्तार से जानते है इस संस्थान और इसके कारनामे के बारे में…
बता दे कि अभी 15 जून 2025 को छत्तीसगढ़ व्यापम के द्वारा ADEO (सहायक विकास विस्तार अधिकारी) परीक्षा होना है। और ऐसे वक्त पे कोचिंग का ये रवैया निंदनीय है।
बताते चले कि इस माह होने वाली ADEO(सहायक विकास विस्तार अधिकारी) की परीक्षा होने वाला है और सभी परीक्षार्थी इसकी तैयारी में जोर शोर से लगे है वही पे “सहस्त्र अकादमी” के द्वारा कोर्स को ले कर ये रवैया परीक्षार्थियों के लिए भविष्य के लिए भारी पड़ा है।
“सहस्त्र अकादमी” के द्वारा ADEO के ऑफलाइन के साथ साथ ऑनलाइन क्लासेस भी ली जा रही थी। और उनके अनुसार इस माह जून के पहले उनको कोर्स भी पूरा कराना था। पर इस संस्थान में “संदीप सर” नाम के शिक्षक की अनुपस्थिति के कारण क्लासेस लेना बंद कर दिया गया।
ADEO नाम से सहस्त्र अकादमी में एक एक ग्रुप बना था जिसमे अकादमी के द्वारा 16 मई को ये मैसेज आया कि संदीप सर की अनुपस्थिति के कारण पुनः क्लास नही लिया जाएगा।
जिससे छात्र-छात्राओं ने गुस्सा फूट पड़ा और इसका काफी विरोध करते हुए अकादमी के ऑनलाइन व्हाट्सएप ग्रुप में प्रतिक्रिया आना चालू हो गया।
परीक्षार्थियों ने विभिन्न प्रकार की शिकायत इस व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सहस्त्र अकादमी तक पहुंचाने की कोशिश की
जैसे
*1 छात्र/छात्रा: सर आप सब हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है
*2 छात्र/छात्रा: सर आप एक शिक्षक हो कर कई पीढ़ियों के भविष्य को क्यों तबाह कर रहे है, एक विद्यार्थी के पीछे एक परिवार, समाज, देश का विकास और हित छुपा होता है।
*3 छात्र/छात्रा: संदीप सर अगर आपको क्लासेस नही लेना था कोर्स नही करवाना था तो एडमिशन के पहले बता देते हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ करना गलत है।

*4 छात्र/छात्रा: क्या संदीप सर की अनुपस्थिति के कारण एग्जाम रुक जाएगा, नही न हमारा मेन सेलेब्स अभी कंपलीट नही हुआ है।
*5 छात्र/छात्रा: सर आपलोग सिर्फ पैसा लेने जानते हो “सहस्त्र अकादमी के नाम पे कलंक हो सर” आप लोग
इस प्रकार की विभिन्न विचार छात्र/छात्राओं ने ग्रुप में रखी पर वह रे संस्थान से जुड़े लोग इन सब के बाद भी उनके कानों पे जूं तक नही रेंगा और इतने मैसेज़ के बाद भी उनके द्वारा कोई रिप्लाई नही आया।
अकादमी के आशीष शुक्ला सर से हुई बातचीत:
कल जब परीक्षार्थियों के शिकायत पर हमारे द्वारा अकादमी के आशीष शुक्ला सर से बात किया गया
सवाल : सर ADEO के क्लास के बच्चों का शिकायत है कि उनके साथ धोका हुआ है और आप लोगो के द्वारा उनका कोर्स पूरा नही कराया गया है?
जवाब : नही हमने तो कोर्स पूरा करा दिया है।
सवाल : सर हमारे पास कोर्स पूरा न कराने का साक्ष्य है?
जवाब: थोड़ा हिचकिचाते हुए दूसरे शिक्षक की ओर देखते हुए बोले नही हमने तो कोर्स पूरा करा दिया “था”
(उनके था बोलने में ही लग रहा था कि वो खुद कॉन्फिडेंट नही है, और उनके था से ही कई सवाल पैदा हो रहे थे।) खैर
सवाल : सर क्या आपको नही लगता कि कोर्स पूरा नही करा कर आपलोग बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है?
जवाब : सर बीच मे हमारा कैमरा खराब था इस कारण क्लास नही ले पा रहे थे (इसी बीच अपने स्टाफ से ADEO के बचे हुए वीडियो ग्रुप में डालने के लिए बोले, जिससे जाहिर होता है कि कोर्स पूरा नही हुआ था)
आशीष शुक्ला सर की माने तो कुछ दिन बाद पुनः क्लास ले कर कोर्स पूरा करा दिया गया था। परंतु ग्रुप में छात्र/छात्रा द्वारा 16 मई को शिकायत के रूप में ये सब मैसेज किया गया था और 18 मई को सुबह मैसेज आया कि आज 9 बजे क्लास लगेगा और शाम तक ग्रुप से सभी बच्चों को एग्जिट (निकाल) दिया गया। (जिसका साक्ष्य चित्र के दिनांक को चिन्हाकित कर दिखाया गया है।

यहाँ आ कर मुझे आशीष शुक्ला सर का उस “था” का जवाब मिला।
उच्च अधिकारी का छत्रछाया
संस्थान के आपपास के लोगो की माने तो इस सहस्त्र अकादमी के अघोषित संचालक छत्तीसगढ़ शासन में पदस्थ कोई राजपत्रित अधिकारी (क्लास 1 ऑफिसर) है। जिसके कारण यहाँ के कर्मचारियों में कोई डर नही है उन्हें लगता है कि अगर कोई कार्यवाही होगा तो सर देख लेंगे।
अब सवाल ये उठता है कि छत्तीसगढ़ शासन में पदस्थ राजपत्रित अधिकारी (क्लास 1 ऑफिसर) को क्या जरूरत थी कोचिंग चलवाने की?
कही कोई B&W जैसा झोलझाल का मामला तो नही है ?
खैर देखा जाए तो शिक्षा संस्थान के नाम पे सहस्त्र अकादमी व्यापारीकरण कर रहा है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
अब देखना ये है कि ये संस्थान आगे भी इसी रवैये को अपनाए रहता है या कोई सुधार भी लाता है।
यह घटना छात्रों के लिए एक बड़ा सबक है कि वे किसी भी कोचिंग संस्थान में एडमिशन लेने से पहले उसकी जांच-पड़ताल जरूर करें।
सुधार नही होने की स्थिति में हम आपको उस राजपत्रित अधिकारी (क्लास 1 ऑफिसर) के नाम के साथ उजागर कर इस संस्था के और भी कारनामे आप तक पहुंचाएंगे।


