“प्रशासन सख्त, पात्र छात्रों के भविष्य के साथ नहीं होगा अन्याय”

बिलासपुर तहसील इन दिनों फर्जी ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले की जांच जारी है, लेकिन इस बीच कई पात्र छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। ऐसे में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए कहा है कि जिन छात्रों को लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है, वे पुनः सभी दस्तावेजों के साथ आवेदन करें।
प्रशासन की सराहनीय पहल
तहसीलदार गरिमा ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि पात्र छात्रों के दस्तावेजों की जांच कर एक हफ्ते के भीतर नया ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि किसी भी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
छात्रों को राहत
प्रशासन की इस पहल से यह साफ है कि वह छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है। इस व्यवस्था से पात्र छात्रों को समय पर प्रमाणपत्र मिल सकेगा और उन्हें आगे की पढ़ाई या प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
फर्जी प्रमाणपत्र घोटाले की जांच जारी है। उच्च अधिकारियों ने कहा है कि पूरी रिपोर्ट बिलासपुर कलेक्टर को सौंपी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी माना जा रहा है कि न केवल फर्जी दस्तावेज बनवाने वालों पर बल्कि उन अभिभावकों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने पैसे देकर यह काम करवाया। कुछ लोगों के स्वार्थ के कारण असली पात्र छात्र इस लाभ से वंचित हो जाते हैं।
निष्कर्ष
प्रशासन की यह पहल न केवल छात्रों को राहत देती है बल्कि यह भी दर्शाती है कि भविष्य में ऐसे घोटालों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।



