
रायपुर, 14 जुलाई 2025 – छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन ही सदन का माहौल गरमा गया। राजस्व निरीक्षक विभागीय भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। सवाल-जवाब के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई। इससे पहले सदन के पहले दिन दिवंगत राज्यपाल व पूर्व मंत्री को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्रवाई को 10 मिनट के लिए स्थगित किया गया।
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक राजेश मूणत ने राजस्व विभाग की परीक्षा में अनियमितता का मुद्दा उठाया। इस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देते हुए भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी स्वीकार की और बताया कि पाँच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में अनियमितताएं प्रमाणित हुई हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) को 40 बिंदुओं पर जांच सौंपी गई है।

जब मूणत ने गड़बड़ी के लिए पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराया, तो विपक्ष भड़क गया और जोरदार नारेबाजी करने लगा। कांग्रेस विधायकों ने जोर देकर कहा कि परीक्षा तो मौजूदा सरकार में ही जनवरी 2024 में आयोजित हुई थी, ऐसे में पिछली सरकार पर दोषारोपण गलत है।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया कि EOW जांच के आदेश किसके द्वारा दिए गए? इसके जवाब में मंत्री टंकराम वर्मा ने स्पष्ट किया कि विभाग ने स्वयं जांच का निर्णय लिया।

सदन का माहौल तब और गरमा गया जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामले की CBI जांच की मांग की। आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
गौरतलब है कि सितंबर 2023 में इस परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी हुआ था, जनवरी 2024 में परीक्षा आयोजित हुई और फरवरी 2024 में परिणाम घोषित किए गए, इसी बीच राज्य में सरकार बदल चुकी थी। इस पृष्ठभूमि में राजस्व निरीक्षक भर्ती मामला अब छत्तीसगढ़ की राजनीति का एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
मंत्री टंकराम वर्मा ने भरोसा दिलाया कि आगामी विधानसभा सत्र से पहले इस मामले में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


