बिलासपुर की बेटी श्रद्धा वैष्णव भारतीय महिला डेफ क्रिकेट टीम में चयनित

Gajendra Singh
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सुन और बोल नहीं सकतीं, लेकिन हौसलों की ताकत से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचीं श्रद्धा वैष्णव

बिलासपुर की प्रतिभाशाली महिला क्रिकेटर श्रद्धा वैष्णव का चयन भारतीय महिला डेफ क्रिकेट टीम में हुआ है। भारतीय डेफ क्रिकेट एसोसिएशन (IDCA) द्वारा जारी टीम सूची में छत्तीसगढ़ से चयनित होने वाली खिलाड़ियों में श्रद्धा वैष्णव का नाम शामिल है। वह आगामी जुलाई 2026 में श्रीलंका के खिलाफ आयोजित होने वाली पांच मैचों की महिला डेफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

श्रद्धा की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। जन्म से सुन और बोल नहीं पाने वाली श्रद्धा ने कभी अपनी कमजोरी को अपने सपनों के बीच नहीं आने दिया। वर्तमान में वह आवासीय विद्यालय बिलासपुर में पढ़ाई कर रही हैं। क्रिकेट की शुरुआत भी बेहद सामान्य तरीके से हुई। गर्मी की छुट्टियों में जब वह घर आती थीं, तब रेलवे ग्राउंड सेकरसा में आयोजित समर क्रिकेट कैंप में उनके छोटे भाई ओम वैष्णव ने क्रिकेट सीखने के लिए प्रवेश लिया। भाई को क्रिकेट सीखता देखकर श्रद्धा ने भी कैंप जॉइन करने की इच्छा जताई और वहीं से उनके क्रिकेट सफर की शुरुआत हुई।

धीरे-धीरे श्रद्धा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से सभी का ध्यान आकर्षित किया। शुरुआत में कोच और साथी खिलाड़ियों को उनसे संवाद करने में कठिनाई होती थी, लेकिन इशारों की भाषा और खेल के प्रति उनके समर्पण ने हर चुनौती को आसान बना दिया। आज वह अपनी बेहतरीन लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाजी के दम पर भारतीय टीम तक पहुंच चुकी हैं।

श्रद्धा पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से क्रिकेट खेल रही हैं और स्कूल स्तर से लेकर राज्य स्तर तक उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुकी हैं। क्रिकेट के प्रति उनके जुनून और अनुशासन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
श्रद्धा वैष्णव की इस उपलब्धि में बिलासपुर क्रिकेट संघ और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों का विशेष सहयोग भी लगातार मिलता रहा। परिवार, कोच और क्रिकेट संघ के प्रोत्साहन ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया और आज वह देश के लिए खेलने जा रही हैं।

भारत और श्रीलंका के बीच यह ऐतिहासिक महिला डेफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 8 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक श्रीलंका में आयोजित होगी। श्रद्धा वैष्णव के चयन से बिलासपुर और पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता आज उन सभी बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखती हैं।

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