रायपुर में आयोजित भव्य समारोह में 160 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान, नवाचार आधारित शिक्षा को मिला नया आयाम

राजधानी रायपुर में शिक्षा जगत का एक गौरवशाली और प्रेरणादायक समागम देखने को मिला, जहां ‘राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह राष्ट्रीय शैक्षणिक संवाद 2025-26’ का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ऐतिहासिक स्वामी आत्मानंद प्रो. जे.एन. पांडेय शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में संपन्न हुआ, जिसमें देशभर से चयनित 160 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके नवाचारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
इस प्रतिष्ठित समारोह में गरियाबंद जिले की नवाचारी शिक्षिका नीता यादव को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक नवाचारों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान’ से नवाजा गया। उनके सम्मान से पूरे जिले में हर्ष और गर्व का माहौल है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न राज्यों से जुड़े नवाचारी शिक्षकों की लाइव प्रस्तुतियां रहीं, जिन्होंने अपने प्रयोगात्मक शिक्षण मॉडल और अनुभव साझा कर उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया। इस अवसर पर ए.के. शास्वत (उप संचालक, समग्र शिक्षा रायपुर), डॉ. बी. रघु (उप सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल) एवं हिमांशु भारती (डीईओ, रायपुर) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कठिन चयन प्रक्रिया के बाद मिली सफलता
इस सम्मान के लिए चयन प्रक्रिया बेहद कठोर और बहुस्तरीय रही। देशभर से 700 से अधिक तथा छत्तीसगढ़ से 400 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। विशेषज्ञ समिति द्वारा दस्तावेजों की गहन जांच, साक्षात्कार और क्रॉस इंटरव्यू के बाद ही अंतिम चयन सूची जारी की गई, जिसमें केवल जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को स्थान मिला।
नवाचार से शिक्षा को दिया नया आयाम
नीता यादव ने विद्यालय स्तर पर गतिविधि आधारित अधिगम, प्रायोगिक शिक्षण पद्धति और छात्र सहभागिता को बढ़ाने के लिए कई नवाचारी प्रयोग किए हैं। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों में सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और सृजनात्मकता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। उनके कार्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सम्मान प्राप्त करने के बाद नीता यादव ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों और सहयोगी शिक्षकों को देते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
कार्यक्रम के दौरान डिजिटल शिक्षा, समावेशी शिक्षण और आधुनिक पद्धतियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि नवाचार आधारित शिक्षा ही आने वाले समय में विद्यार्थियों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार कर सकती है।
समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों और आयोजकों ने नीता यादव को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उनके कार्यों को अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।


